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असतो मा सद्गमय

National Sports Day is August 29 Rashtriya Khel Diwas

भारत में 29 अगस्त को हर वर्ष हॉकी का जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद की जयंती पर Rastriya Khel Diwas मनाया जाता है। और बाकी अन्य देश अपने राष्ट्रीय khel divas को वो अपने देश के इतिहास के अनुसार अलग-अलग तारीखों पर मनाते हैं। भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस जिसे National Sports Day भी कहा जाता है। इस दिन को लगभग सभी उम्र के लोग खेल में भाग लेते हैं जैसे मैराथन, कबड्डी, बास्केटबॉल, हॉकी आदि। यह दिन न केवल लोगों के लिए मनोरंजन के रूप में काम करता है बल्कि एक व्यक्ति के जीवन में खेल की भूमिका के बारे में भी जागरूकता फ़ैलाता है।

राष्ट्रीय खेल दिवस 2021

जैसा कि हम सब जानते हैं कि इस वर्ष टोक्यो ओलंपिक में भारत ने कुल 7 मेडल जीते हैं। जिनमे नीरज चोपड़ा ने (गोल्ड मेडल), मीराबाई चान नेू (सिल्वर मेडल), रवि दहिया ने (सिल्वर मेडल), पीवी सिंधु ने (ब्रॉन्ज मेडल), लवलीना बोरगोहेन ने (ब्रॉन्ज मेडल), बजरंग पूनिया ने (ब्रॉन्ज मेडल), और भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने (ब्रॉन्ज मेडल) जीता है। जिसे देखकर देशवासियों में खेल के प्रति और भी ज्यादा दिलचस्पी बढ़ा है और हर खिलाड़ी अब यह सपना देखेगा की उसे भी ओलंपिक में मेडल जीतना है और देश का मान बढ़ाना है।

राष्ट्रीय खेल दिवस कब आरंभ हुआ

खेल दिवस का शुरुआत हर वर्ष 29 अगस्त को हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर देश में पहली बार वर्ष 2012 में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया तब से लेकर आज तक इस दिन को नेशनल स्पोर्ट्स डे के रूप में मनाया जाता है।

राष्ट्रीय खेल दिवस सभी विद्यालयों, कॉलेज, और शिक्षण संस्थाओं और खेल अकादमियों में मनाया जाता हैं और हमारी जिंदगी में खेल-कूद के महत्व को दर्शाया जाता हैं. खेल दिवस National sports day मनाने के पीछे एक उद्देश्य यह रहता है कि हम अपने देश के युवाओं में खेल को अपना करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित कर पायें और उनके अंदर ये भावना उत्पन्न कर पायें, कि वे अपने खेल के बेहतरीन प्रदर्शन के द्वारा खुद की तरक्की तो कर ही सके, साथ ही साथ अपने अच्छे खेल प्रदर्शन से देश का नाम भी वे ऊँचा करेंगे और देश का गौरव भी बढाएँगे।

29 अगस्त यानी National Sports Day के दिन बेहतरीन प्रदर्शन कहने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रपति भवन में भारत के राष्ट्रपति द्वारा खेल के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है, जिसमें राजीव गांधी खेल रत्न जिसका नाम बदलकर अब Major Dhyan Chand Khel Ratna Award (मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार) कर दिया गया है, ध्यानचंद पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कारों के अलावा तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार, अर्जुन पुरस्कार जैसे प्रमुख पुरस्कार दिया जाता है, साथ ही खेल दिवस के अवसर पर खिलाड़ियों के साथ-साथ उनकी प्रतिभा निखारने वाले कोचों को भी सम्मानित किया जाता है। इसके साथ ही लगभग भारत के सभी स्कूल और शिक्षण संस्थान ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के दिन अपना सालाना खेल समारोह आयोजित करते हैं। देश में पंजाब और चंडीगढ़ में खेल दिवस के दिन को बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर दिए जाने वाले पुरस्कार

मौलाना अबुल कलाम आजाद ट्रॉफी (Maulana Abul Kalam Azad Trophy)

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी की स्थापना 1956-1957 में हुई थी। यह पिछले वर्ष की तुलना में “अंतर-विश्वविद्यालय टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन” के लिए एक विश्वविद्यालय को प्रदान किया जाता है।

अर्जुन अवार्ड (Arjuna Award)

अर्जुन पुरस्कार की स्थापना 1961 में हुई थी। यह उन एथलीटों को दिया जाता है जिन्होंने पिछले चार वर्षों में “लगातार शानदार प्रदर्शन” किया है। “अर्जुन की एक कांस्य प्रतिमा, एक प्रमाण पत्र, औपचारिक पोशाक, और रुपये का नकद पुरस्कार। 15 लाख ”पुरस्कार में शामिल हैं।

द्रोणाचार्य अवार्ड (Dronacharya Award)

1985 में स्थापित द्रोणाचार्य पुरस्कार उन प्रशिक्षकों को सम्मानित करता है जो “प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक विजेता बनाते हैं।” “द्रोणाचार्य की एक कांस्य प्रतिमा, एक प्रमाण पत्र, औपचारिक वस्त्र, और रुपये का नकद पुरस्कार। 15 लाख ”पुरस्कार में शामिल हैं।

मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवार्ड (Major Dhyanchand Khel Ratna Award)

इसका पहले नाम राजीव गांधी खेल रत्न था। राजीव गांधी खेल रत्न की स्थापना 1991-1992 में हुई थी। यह एथलीटों को पिछले चार वर्षों के दौरान “एक खिलाड़ी द्वारा सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन” के लिए दिया जाता है। “एक पदक, एक प्रमाण पत्र, और रुपये का नकद पुरस्कार। 25 लाख ”पुरस्कार में शामिल हैं।

ध्यानचंद अवार्ड (Dhyanchand Award)

ध्यानचंद पुरस्कार 2002 में स्थापित किया गया था। यह उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने “खेल के विकास में आजीवन योगदान” दिया है। “एक ध्यानचंद प्रतिमा, एक प्रमाण पत्र, औपचारिक वस्त्र, और दस लाख रुपये का मौद्रिक पुरस्कार” पुरस्कार में शामिल हैं।

राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन अवार्ड (Rashtriya Khel Prahotsahan Award)

राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार की स्थापना 2009 में हुई थी। यह निजी और सार्वजनिक संगठनों के साथ-साथ उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों में “खेल को बढ़ावा देने और विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है”।

 

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